संजय राउत को चार अगस्त तक की ED कस्टडी। मलिक, देशमुख, परब और गवली के बाद अब राऊत भी जांच एजेंसियों के रडार पर!

संजय राउत को चार अगस्त तक की ED कस्टडी। मलिक, देशमुख, परब और गवली के बाद अब राऊत भी जांच एजेंसियों के रडार पर!

शिवसेना सांसद संजय राउत को PMLA कोर्ट ने 4 अगस्त तक की ईडी कस्टडी में भेज दिया है। ईडी ने 8 दिन की रिमांड मांगी थी। लेकिन कोर्ट ने 4 दिन की रिमांड की ही मंजूरी दी। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि राउत को अपने वकीलों से बात करने की सुविधा दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि ईडी को राउत की दवाई आदि का ध्यान भी रखना होगा और पूछताछ के घंटे भी तय करने होंगे। सुनवाई के दौरान कोर्ट में संजय राउत के वकील Ashok Mundargi ने कहा कि संजय राउत की गिरफ्तारी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। यह भी कहा गया कि राउत को हार्ट संबंधित दिक्कत हैं, जिनकी सर्जरी भी हुई है। इससे संबंधित कागज भी कोर्ट में दिखाए गए।

संजय राउत की गिरफ्तारी के बाद, संजय राउत भी महा विकास अघाड़ी के उन नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं, जो जांच एजेंसियों के शिकंजे में हैं। राउत से पहले नवाब मलिक, अनिल देशमुख, अनिल परब और भावना गवली जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।

राउत ने आरोप लगाया कि शिवसेना को खत्म करने के लिए ईडी ( ED ) यह कार्रवाई कर रही है। राउत ने कहा कि ईडी के दबाव में कई लोग शिवसेना छोड़ रहे हैं। हालांकि, मैं पार्टी नहीं छोड़ूंगा, चाहे कुछ भी हो जाए। मुझ पर शिवसेना को तोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। यह कार्रवाई उद्धव ठाकरे को परेशान करने के लिए ही की जा रही है। चूंकि मैं बालासाहेब ठाकरे का शिवसैनिक हूं, इसलिए मुझे उनसे निडरता के गुण विरासत में मिले हैं। इसलिए मैं डरूंगा नहीं, लड़ूंगा। राउत ने यह भी कहा कि मैं खुद सांसद हूं। इसलिए मैं कानून के महत्व को समझता हूं। मैं जांच में पूरा सहयोग कर रहा हूं और करता रहूंगा।

संजय राउत को चार अगस्त तक की ED कस्टडी। मलिक, देशमुख, परब और गवली के बाद अब राऊत भी जांच एजेंसियों के रडार पर!

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संजय राउत पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रोज सुबह आठ बजे बजने वाला भोंपू तो अब अंदर गया। अब सुबह-सुबह भोंपू सुनने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि ईडी अपना काम कर रही है। अगर आप ईमानदार हैं तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। शिंदे ने कहा कि जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा। 

संजय राउत को चार अगस्त तक की ED कस्टडी। मलिक, देशमुख, परब और गवली के बाद अब राऊत भी जांच एजेंसियों के रडार पर!

संजय राउत पर इडी कि कार्यवाही देखते हुए, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, बीजेपी विपक्ष मुक्त संसद चाहती है। इसलिए संजय राउत पर कार्रवाई की गई। हम महंगाई, गुजरात में शराब से मौतों का मामला संसद में उठाएंगे। इतना ही नहीं झारखंड में ‘ऑपरेशन कीचड़’ का मुद्दा भी संसद में उठाएंगे।

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संजय राउत को चार अगस्त तक की ED कस्टडी। मलिक, देशमुख, परब और गवली के बाद अब राऊत भी जांच एजेंसियों के रडार पर!

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे संजय राउत के परिवार से मुलाकात करने उनके घर पहुंचे हैं। वही संजय राउत की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी पर हमलावर शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जब जब हमारा वक्त आएगा तो देखिएगा क्या होता है। उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘ जे. पी. नड्डा साहब ने कल जो भाषण दिया है, उसमें क्या प्रजातंत्र दिखाई दे रहा है क्या? वे कह रहे हैं कि सिर्फ उनकी बीजेपी रहेगी, बाकी पार्टियों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। इसमें विवेक की बात कहीं नहीं है, सिर्फ बल का प्रयोग हो रहा है। जनता सब देख रही है।’

क्या है पात्रा चॉल घोटाला?
पात्रा चॉल जमीन घोटाले की शुरुआत 2007 से हुई। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डिवलपमेंट अथॉरिटी यानी म्हाडा (MHADA), प्रवीण राउत, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की मिली भगत से यह घोटाला होने का आरोप है। 2007 में म्हाडा ने पात्रा चॉल के रिडिवेलपमेंट का काम गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को दिया। यह कंस्ट्रक्शन गोरेगांव के सिद्धार्थ नगर में होना था। म्हाडा की 47 एकड़ जमीन में कुल 672 घर बने हैं। रीडिवेलपमेंट के बाद गुरु आशीष कंपनी को साढ़े तीन हजार से ज्यादा फ्लैट बनाकर देने थे। म्हाडा के लिए फ्लैट्स बनाने के बाद बची हुई जमीन को प्राइवेट डिवलपर्स को बेचना था। 14 साल के बाद भी कंपनी ने लोगों को फ्लैट बनाकर नहीं दिए।

संजय राउत का क्या कनेक्शन?
इस मामले में ED ने PMLA के तहत केस दर्ज किया था। आरोप है कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने फ्लैट बनाने की बजाए 47 एकड़ जमीन को आठ अलग-अलग बिल्डरों को बेच दी। इससे कंपनी ने 1034 करोड़ रुपये कमाए। मार्च 2018 में म्हाडा ने गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। मामला आर्थिक अपराध विंग (EOW) को दिया गया। EOW ने फरवरी 2020 में प्रवीण राउत को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि प्रवीण राउत, संजय राउत का करीबी है। वह एचडीआईएल में सारंग वधावन और राकेश वधावन के साथ कंपनी में निदेशक था। वधावन बंधु PMC बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। प्रवीण राउत को कोर्ट ने जमानत दे दी लेकिन पीएमसी बैंक घोटाले के मामले में प्रवीण को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।

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संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत का क्या कनेक्शन?
प्रवीण राउत को ईडी ने गिरफ्तार करके पूछताछ की। उसके बाद इस मामले में सुजीत पाटकर का नाम आया। ईडी ने सुजीत पाटकर के ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी की जांच में सामने आया कि प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी राउत ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को एक लोन दिया। यह लोन 55 लाख रुपये का था और आरोप है कि इन्हीं पैसों से उन्होंने मुंबई के दादर इलाके में फ्लैट खरीदा था। इस फ्लैट के सिलसिले में ईडी ने वर्षा राउत से पूछताछ की। इसके आलवे बताया जाता है कि संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत और सुजीत पाटकर की पत्नी ने अलीबाग में एक जमीन खरीदी थी। ईडी का मानना है कि इस जमीन को खरीदने के लिए भी रुपयों की हेराफेरी की गई। संजय राउत पर जिस जमीन घोटाले में शिकंजा कस रहा है, उसके बारे में बताया जाता है कि संजय राउत के सहयोगी प्रवीन राउत की 9 करोड़ रुपये और संजय राउत की पत्नी वर्षा की 2 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है। अब ईडी सारे मामलों की जांच के बाद सारे लिंक की कडियां जोड़ने में लगी है, हालांकि संजय राउत ने इन आरोपों की खारिज किया है।

संजय राउत की बेटी का कनेक्शन?
आरोप है कि म्हाडा लैंड डील में प्रवीण राउत को कमीशन के रूप में 95 करोड़ रुपये मिले। जिस सुजीत पाटकर का नाम सामने आया और ईडी ने छापा मारा उसका लिंक भी संजय राउत से जुड रहा है। सुजीत, संजय राउत का करीबी माना जाता है। इसके अलावा सुजीत पाटकर की एक वाइन ट्रेडिंग कंपनी है, जिसमें संजय राउत की बेटी उसकी पार्टनर है।

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राउत और उनकी पत्नी के पास कितनी संपत्ति?
मायनेताडॉटइंफो के अनुसार, साल 2016 में राज्यसभा चुनाव लड़ते वक्त संजय राउत ने चुनाव आयोग के समक्ष हलफनामा पेश किया था। इसके अनुसार, राउत और उनकी पत्नी के पास कुल 14 करोड़ 22 लाख 60 हजार 42 रुपये की संपत्ति है जबकि 4.70 करोड़ रुपये की उन पर देनदारी है। अचल संपत्ति के मामले में वर्षा राउत पति संजय राउत से काफी आगे हैं। वर्षा के पास 7 करोड़ और संजय के पास 4.81 करोड़ की अचल संपत्ति है।

संजय राउत आज महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा नाम हैं, लेकिन 80 के दशक में वे मुंबई में क्राइम रिपोर्टिंग करते थे। लोकप्रभा पत्रिका से करियर की शुरुआत करने वाले संजय राउत को अंडरवर्ल्ड रिपोर्टिंग का एक्सपर्ट माना जाता था। दाऊद इब्राहिम, छोटा राजन और अंडरवर्ल्ड पर लिखी उनकी रिपोर्ट्स की मुंबई में खूब चर्चा हुआ करती थी। रिपोर्टिंग की दुनिया में राउत का नाम बड़ा होता गया और वे बालासाहेब ठाकरे की नजरों में आ गए।

राउत का मातोश्री पर आना-जाना बढ़ा और शिवसेना प्रमुख ने सिर्फ 29 साल के राउत को शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ का कार्यकारी संपादक बनने का ऑफर दे डाला। शिवसेना प्रमुख के इस ऑफर को राउत ठुकरा नहीं सके और पिछले लगभग 30 साल से वे इसके कार्यकारी संपादक हैं। बालासाहेब के जाने के बाद वे उद्धव ठाकरे के करीब आए। 2019 में जिस तरह से उद्धव ने कांग्रेस और NCP के साथ मिलकर सरकार बनाई, उसके बाद से राउत को शिवसेना का ‘थिंक टैंक’ कहा जाने लगा।

संजय राउत की गिरफ्तारी के बाद, संजय राउत भी महा विकास अघाड़ी के उन नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं, जो जांच एजेंसियों के शिकंजे में हैं। राउत से पहले नवाब मलिक, अनिल देशमुख, अनिल परब और भावना गवली जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।

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