ईद से पहले इराक में बम धमाका, 30 की मौत, इस्लामिक स्टेट ने ली जिम्मेदारी

बगदाद : इराक की राजधानी बगदाद में हुए सोमवार को ब्लास्ट में कम से कम 30 लोगों के मारे जाने की सूचना प्राप्त हो रही है । वही दर्जनों लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है । यह धमाका इराक की राजधानी बगदाद के उपनगर सद्र में हुआ, जहां ईद-उल-अजहा के मद्देनजर बाजार में खरीदारी को लेकर भीड़ जुटी हुई थी । धमाका इतना जबरदस्त था कि चारों ओर शरीर के हिस्से बिखरे पड़े थे, खून से लथपथ घायल मदद के लिए चिल्ला रहे थे । धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धमाके से बाजार के बहुत से दुकानों की छतें क्षतिग्रस्त हो गई । धमाके के बाद मची भगदड़ से सड़क पर जूते चप्पल और खून के छींटे इधर-उधर बिखरे पड़े थे l मरने वालों में 10 महिला और 9 बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं ।

इराकी राष्ट्रपति बरहम सलिह ने ब्लास्ट को जघन्य अपराध कहा और अपनी संवेदना व्यक्त की । साथ ही इराकी प्रधानमंत्री मुस्तफा अल्प कदीमी ने बाजार के जिम्मेदार संघीय पुलिस रेजीमेंट के कमांडर को तत्काल गिरफ्तार करने का आदेश दिया है उन्होंने कहा कि धमाके की जांच की जा रही है इस साल बाजार में यह तीसरा विस्फोट है ।

आत्मघाती बम धमाके की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट समूह(ISIS) ने ली है, एक टेलीग्राम ग्रुप पर अपना मैसेज भेजते हुए आईएस ने कहा कि अबू हमजा अल नाम के हमलावर में सोमवार को बगदाद के सद्र शहर में भीर के बीचो बीच जाकर खुद को उड़ा लिया । 

इस्लामिक स्टेट इससे पहले भी कई बार बगदाद में धमाके कर चुका है इसी साल के जनवरी महीने में एक विस्फोट हुआ था जिसमें 32 लोग मारे गए थे, बाद में इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी भी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली थी । यह विस्फोट भी बगदाद की एक भीड़ भाड़ वाले बाजार में हुआ था । इसी साल की जून में एक बाजार में क्योस्क के नीचे रखे बम में विस्फोट होने से 15 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी वहीं कई दर्जन लोग घायल हो गए थे । इसी साल अप्रैल में सद्र शहर में ही एक कार बम हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई । जनवरी में हुए हमले के बाद सोमवार को हुए हमले को, इस्लामिक स्टेट द्वारा किया गया बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है ।।

Disclaimer: This post was created with our nice and easy submission form. The views expressed in this article are based on the experience, research, and thinking of the author. It is not necessary that The Harishchandra agrees with this. The author alone is responsible for all claims or objections related to this article. Create your post!

We are a non-profit organization, please Support us to keep our journalism pressure free. With your financial support, we can work more effectively and independently.
₹20
₹200
₹2400
नमस्कार, मै केशव झा, स्वतंत्र पत्रकार और लेखक आपसे गुजारिश करता हु कि हमें पढ़ें, शेयर करें, इसके अलावा इसे और बेहतर करने के लिए, सुझाव दें। इस खबर, लेख में विचार मेरे अपने है। मेरा उदेश्य आप तक सच पहुंचाना है। द हरीशचंद्र पर मेरी सभी सेवाएँ निशुल्क है। धन्यवाद।