आग का गोला बने गैस सिलेंडर से भरे ट्रक की दूसरे दिन भी खत्म नहीं हुई दहशत, कहानी बयां कर रहे सिलेंडर

भीलवाड़ा। जिले के हनुमान नगर थाना क्षेत्र में कोटा-जयपुर हाइवे पर टीकड़ गांव के निकट बीती रात एक के बाद एक दर्जनों गैस सिलेंडरों की धमाकों गूंज अब भी क्षेत्रवासियों के कानों के गूंज रही है। गांव के घरों व खेतों में फटे सिलेंडरों के टुकड़े पड़े हैं। एक मकान को भी नुकसान पहुंचा है। जबकि सिलेंडर से अभी भी गैस रिसाव हो रहा है। पूरी सावधानी बरती जा रही है और ट्रेफिक को डायवर्ट किया गया है। गनीमत यह रही कि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। 

पुलिस के अनुसार मंगलवार रात कोटा-जयपुर हाइवे पर टीकड़ गांव के पास 450 गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गया। ट्रक पलटने के बाद उसमें आग लग गई। पुलिस का यह भी मानना है कि इस घटना के दौरान बारिश हो रही थी और आसमान में बिजलियां चमक रही थी। जलते हुये सिलेंडरों पर आकाशीय बिजली भी गिरी। इससे पहले चालक, ट्रक से निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई। लेकिन फिर भी वह झुलस गया जिसकी हालत खतरे से बाहर है। आग बढऩे के साथ ही सिलेंडरों में विस्फोट होने लगे। रुक-रुक कर फटे सिलेंडरों से सौ से ज्यादा धमाके हुये। 

आग का गोला बने गैस सिलेंडर से भरे ट्रक की दूसरे दिन भी खत्म नहीं हुई दहशत, कहानी बयां कर रहे सिलेंडर

सूचना मिलने पर हनुमान नगर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात रुकवाया। इससे हाइवे पर जाम लग गया। देवली व जहाजपुर से दमकल मौके पर पहुंची लेकिन फायरकर्मी आग की भयावहता और एक के बाद एक फट रहे गैस सिलेंडरों की ओर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। रातभर जाम लगा रहा। पुलिस ने ट्रेफिक को मोरलां-जहाजपुर होकर सैथूर मार्ग पर डायवर्ट किया। अब भी सावधानी बरती जा रही है क्योंकि कई सिलेंडर अभी भी लीक हो रहे हैं। जिस जगह हादसा हुआ वहां से टीकड़ गांव की दूरी करीब 300 मीटर है। गैस सिलेंडर हादसे के बाद शुरू हुए धमाकों से गांव वाले दहशत में आ गए। कई ग्रामीण मौके पर भी पहुंचे वहीं गांव में मौजूद कोई भी रातभर सो नहीं पाया। 

फटे सिलेंडरों के टुकड़ों से खेतों में फसलों को नुकसान होने की जानकारी मिली है। विस्फोट इतने जबरदस्त थे कि कुछ घरों की छतों पर भी फटे सिलेंडरों के टुकड़े मिले हैं। हादसे से कुछ दूर स्थित खेमराज मीणा के घर के चद्दर उड़ गए और दीवार गिर गई। बिजली का कनेक्शन भी जल गया। देवली से एक्सपर्ट की टीम घटनास्थल पर पहुंची है। वह खेतों व घरों में पड़े सिलेंडरों के टुकड़े एकत्रित करवाये। सड़क पर फैले मलबे व जले हुये ट्रक को भी हटवाया। गैस सिलेंडर का ट्रक में जयपुर से लदान किया गया था। 

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