बकरियां चराने गई युवती से गैंगरेप, दुष्कर्म का वीडियो किया सोशल मीडिया पर वायरल

भीलवाड़ा। जिले के रायपुर थाना इलाके में घर से बकरियां चराने गई एक युवती को अगवा कर चार लोगों ने जंगल में ले जाने के बाद चाकू की नौंक पर दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया। इतना ही नहीं, आरोपितों ने युवती को वीडियो के नाम से ब्लैकमेल कर उससे ढाई लाख रुपये की मांग भी की। इन तीन में से एक युवक पर दुष्कर्म का, जबकि दो अन्य पर वीडियो बनाकर सहयोग करने का आरोप लगाते हुए पीड़िता ने थाने में मुदकमा दर्ज करवाया है।

पुलिस के अनुसार, एक युवती 26 फरवरी को घर से बकरियां चराने जंगल में गई। दिन में करीब एक बजे वह बकरियों को पानी पिलाने कुएं की ओर जा रही थी। इसी दौरान परिवादिया के साथ संगीन वारदात करने के इरादे से शैतान बंजारा, रामसिंह बंजारा व राजू उर्फ रवि उर्फ रमेश बंजारा, जो बाइक लेकर वहां आये। युवती को अकेला पाकर जबरन उसे रोक लिया। युवती को आरोपित उठाकर जंगल में खेतों की तरफ ले गये। वह रोई और चिल्लाई तो मुहं में कपड़ा ठूंस दिया। चाकू दिखाकर डराया-धमकाया। आरोपितों ने युवती को रोने-चिल्लाने और कहना नहीं मानने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद शैतान बंजारा ने युवती के साथ उसकी ईच्छा के विरुद्ध जबरन दुष्कर्म किया। दुष्कर्म का वीडियो रामसिंह व राजू ने अपने मोबाइल से बनाया। पीड़िता डर गई और वहां से भागने लगी तो उसे घेर लिया और पत्थर मारकर उसकी एक अंगुली को जख्मी भी कर दिया। आरोपितों ने पीड़िता के साथ बूरी तरह से मारपीट की। आरोपितों ने इस घटना के बारे में किसी को बताने व कार्रवाई कराने पर पीड़िता को जान से मारने और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इससे वह डर गई और घटना के बारे में किसी को भी नहीं बताया। इसके बाद अश्लील वीडियो को लेकर आरोपित, पीड़िता पर मां-बाप से ढाई लाख रुपये लाकर देने के लिए दबाव बनाने लगे। ऐसा नहीं करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। आरोपितों ने पीड़िता के अश्लील वीडियो समाज के लोगों के वाट्सएप्प पर वायरल कर दिये। इसकी जानकारी पीड़िता को 15 मार्च को परिवारजन व लोगों ने दी। इसके बाद माता-पिता ने पीड़िता से पूछा तो उसने आपबीती बताई। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर गैंगरेप का केस दर्ज किया है। मामले की जांच गंगापुर डीएसपी को सौंपी गई।

Disclaimer: This post was created with our nice and easy submission form. The views expressed in this article are based on the experience, research, and thinking of the author. It is not necessary that The Harishchandra agrees with this. The author alone is responsible for all claims or objections related to this article. Create your post!

We are a non-profit organization, please Support us to keep our journalism pressure free. With your financial support, we can work more effectively and independently.
₹20
₹200
₹2400
नमस्कार, पाठकों से बस इतनी गुजारिश है कि हमें पढ़ें, शेयर करें, इसके अलावा इसे और बेहतर करने के लिए, सुझाव दें। आप Whatsapp पर सीधे इस खबर के लेखक / पत्रकार से भी जुड़ सकते है। धन्यवाद।