राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नाडसर सजा राजधानी ट्रेन के रूप में

(बी. एल. लीलड़) भोपालगढ़ उपखंड क्षेत्र के नाड़सर गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को ट्रेन का रूप देकर मॉडल विद्यालय बना दिया है। जो आसपास के गुजरने वाले लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। विद्यालय की प्रधानाचार्य सीमा कुल्हार ने नवंबर 2019 को इस विद्यालय में पदभार ग्रहण किया था। उसके बाद से ही विद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहा।

बीच में कोरोना काल के कारण कुछ अवरोध आया लेकिन जैसे ही विद्यालय खुले तो उन्होंने विद्यालय में नामांकन बढ़ाने हेतु कुछ नया करने की सोची। इसके लिए उन्होंने अपने स्टाफ, विद्यालय प्रबंधन समिति और गांव की सरपंच रामभरोसी जलवाणिया से सलाह मशविरा किया और उन्हें अपने विचार से अवगत कराया की विद्यालय को राजधानी ट्रेन के रंग में रंगना है। इस हेतु पूर्व सरपंच, भामाशाह व भोपालगढ़ मार्केटिंग सोसायटी के चेयरमेन भंवरलाल जलवाणिया से भी बात की तो उन्होंने विद्यालय में रंग-रोगन करवाने में योगदान करने का आश्वासन दिया। जिस पर विद्यालय में रंग-रोगन का काम शुरू हुआ और आखिरकार पूरा विद्यालय एक राजधानी ट्रेन के रूप में रंग गया। जो बच्चों के साथ ही ग्रामीणों और पास से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

विद्यालय की प्रिंसिपल का कहना है कि मैंने इस विद्यालय में नवंबर 2019 को प्रधानाचार्य के रूप में पदभार ग्रहण किया। पहले तो लगा कि घर से 350 किलोमीटर दूर नौकरी करना मुश्किल काम है लेकिन विद्यालय का बहुत अच्छा भवन और कर्तव्य परायण स्टाफ व गांव के भामाशाहों ने मुझे प्रेरित किया।

तब मन लगाकर यहां पर काम करने की ठानी लेकिन कुछ समय बाद ही वैश्विक आपदा कोरोना ने हमारी सारी योजना पर पानी फेर दिया। लेकिन जैसे ही फिर से विद्यालय खुले तो हम नई ऊर्जा के साथ जुट गए। कोरोना काल के दौरान विद्यालय में आइसोलेशन सेंटर था जिसके कारण बच्चों व अभिभावकों के मन में बीमारीं को लेकर आशंका थी। उनकी आशंका दूर करने के लिए पूरी स्कूल इमारत को ही एक नए व आकर्षक रूप में बदलने की ठानी जिससे बच्चे भी आकर्षित हो और कोरोना की कोई भी यादगार ना रहे।

इस हेतु स्टाफ, एसएमसी सदस्यों गांव के भामाशाहों, सरपंच रामभरोसी जलवाणिया, पूर्व सरपंच रामप्रकाश जलवाणिया, प्रकाश लोढ़ा व भामाशाह भंवरलाल जलवाणिया के साथ ही अन्य भामाशाहों से सम्पर्क कर उन्हें योजना से अवगत कराया। भामाशाह भंवरलाल जलवाणिया ने विद्यालय में रंग रोगन करवाने में सहयोग करने दिया तथा पूर्व सरपंच प्रकाशचंद लोढ़ा ने भव्य मुख्य द्वार के पास बारी निर्माण करवाने का आश्वासन दिया। जो कुछ ही समय में संपूर्ण हो गया।

इसके लिए मैं मेरे स्टाफ एसएमसी/ एसडीएमसी सदस्यों गांव के सभी भामाशाहों का आभार व्यक्त करती हूं जिनकी बदौलत हमारा यह सपना साकार हुआ है ।

Disclaimer: This post was created with our nice and easy submission form. The views expressed in this article are based on the experience, research, and thinking of the author. It is not necessary that The Harishchandra agrees with this. The author alone is responsible for all claims or objections related to this article. Create your post!

We are a non-profit organization, please Support us to keep our journalism pressure free. With your financial support, we can work more effectively and independently.
₹20
₹200
₹2400
नमस्कार, पाठकों से बस इतनी गुजारिश है कि हमें पढ़ें, शेयर करें, इसके अलावा इसे और बेहतर करने के लिए, सुझाव दें। आप Whatsapp पर सीधे इस खबर के लेखक / पत्रकार से भी जुड़ सकते है।